Tuesday, 15 March 2016

मिशन से मिथक की और मीडिया


पत्रकारिता कभी भी राजनीति से अछूती नहीं रही हैं | ये हमेशा से ही राजनीति को किसी न किसी रूप में प्रभावित करती ही रही हैं | जब पत्रकारिता मिशन समझी जाती थी तब भी उसपर समाज के कुलीन वर्ग का अधिपत्य था जो कांग्रेस के सदस्य हुआ करते थे | लेकिन 1975 के आपातकाल के बाद जिस तरह से मीडिया में उद्यमियो ने प्रवेश करना शुरू किया तो मीडिया उद्योग के रूप में विकसित होने लगी जिसका उद्योग सिर्फ और सिर्फ धन अर्जित करना हैं | 

इसके लिए वो खबरों को हल्का करने से भी गुरेज नहीं करते हैं | आज ऐसा कोई भी चैनल नहीं हैं जिसमे उद्यमियो का पैसा नहीं लगा हैं | जो अपना हित साधने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से किसी राजनीतिक दल के भोपू के रूप में कार्य करते हैं | उनमें खबरों के अपेक्षा विज्ञापनों की अधिकता दिखती हैं | जब हम इनके कारणों की गहराई में जाते हैं तो उसमे पूंजीवाद और राजनितिक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखलाई पड़ती हैं | इंडिया टी.वी, इंडिया न्यूज़, आई.बी.एन 7, जी न्यूज़, सी.एन.एन जैसे तमाम चैनल आज सत्ताधारी दल के मुखपत्रो के रूप में कार्य कर रही हैं | ये चैनल जनता में सरकार की सकारात्मक छवि बनाने का काम कर रही हैं जिसके बदले में सरकार से वो तमाम रियायते लेती हैं |
                 
आज मीडिया किसी को भी जीरो से हीरो और हीरो से जीरो बनाने माद्दा रखती हैं | अरविन्द केजरीवाल के साथ मीडिया क्या जुडी उसे दिल्ली का मुख्यमंत्री ही बनाकर छोड़ी तो कभी कन्हैया कुमार जैसे छात्रनेता को भी देश का नेता बना देती हैं | आज देश में ऐसे तमाम मुद्दे हैं जिसपर मीडिया की  नजर नहीं जाती लेकिन कौन सा नेता क्या खा रहा हैं कौन हीरो किसके साथ डेट कर रहा हैं ऐसे तमाम खबरों से पूरा मीडिया भरा पड़ा हैं | आखिर ये किसका पी.आर करते हैं ये मेरे सोच से परे कि चीज हैं | 

किसी भी सभ्य समाज में मीडिया कि महती भूमिका होती हैं जिनके निर्वहन से ही देश का विकास संभव हैं | मीडिया ट्रायल जैसे तमाम घटनाओ ने मीडिया कि विश्वसनीयता को काफी हानि पहुचाये हैं जिसकी भरपाई निकट समय में संभव नहीं दिखलाई पड रही हैं | भारत जैसे देश में लोग अपने विचारो का निर्धारण इन्ही सूचनाओं के आधार पर करते हैं ऐसे में कुछ रुपयों के लिए करोडो भारतीयों के विश्वास के साथ खेलना गलत हैं | मीडिया का काम सरकार कि अच्छी और बुरी सभी नीतियों को जनता के सामने लाना हैं न कि जनता को ये विशवास दिलाना कि कोई व्यक्ति विशेस कैसा हैं |     

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