आजकल तो आधे से ज्यादा अपराध इसी से हल किये जा रहे हैं | चोरो में पुलिस से ज्यादा खौफ उपर वाले का हैं मतलब इन कैमरों का | जब प्रशासन ने सार्वजनिक जगहों पर लिखना शुरू कर दिया कि अपनी सुरक्षा अपने हाथ तब लोगो ने भी अपनी सुरक्षा का जिम्मा ऊपर वाले को दे दिया हैं | सबसे बड़ी बात ये हैं कि ये बाजार में 3000 से 20000 रुपये में उपलब्ध हैं और इसकी विश्वसनीयता पर कोई शक किया ही नहीं जा सकता हैं जब तक इससे कोई छेद-छाड़ नहीं किया जाये | न्यूज़ चैनल भी खूब इससे खबर बना रहे हैं | अभी हाल ही में बहु द्वारा पीटती सास की खबर ऊपर वाले की देन हैं, और अब तो आयेदिन इसी से ही खबरे बन रही हैं |
सुरक्षा कि जिम्मेदारी तो जैसे उपर वाले ने ही संभाल ली हैं | कम्पनी हो या होटल या बैंक या फिर कोई बड़ी शिक्षण संस्थान सभी जगह इसे बड़े ही आराम से देखा जा सकता हैं | अब लोग गार्ड रखने कि अपेक्षा इसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं | अपराधियों में इसे लेकर काफी खौफ हैं | अब ये लोग रेकी करते समय इन कैमरों का खासा ध्यान रखते हैं | अब सरकारे भी चौराहो पर पुलिस बल तैनात करने के बजाय इन कैमरों की तैनाती कर रहे हैं, जिसका खौफ लोगो में पुलिस की अपेक्षा ज्यादा हैं | पुलिस को 50 थमाकर कोई भी नियम तोडकर भाग सकता था, लेकिन अब ऊपर वाले से कौन बचाए | अब तो विश्वविद्यालयों के कक्षाओं में भी इन कैमरों को लगाने की व्यवस्था की जा रही हैं, जिससे प्रोफेसरों को भी अनुशासन के दायरे में लाया जा सकें | देर से ही सही लेकिन अब हमारे पास ऊपर वाले का साथ हैं देखते हैं कि हमारे देश कि व्यवस्था कैसे नहीं बदलती है |
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