भाईयों इसे कहते है कृतघ्नता, अभी 21 जून को भारत योग दिवस मना रहे हैं, जिसमें सूर्य नमस्कार भी है | जिसका विरोध असदुद्दीन ओवैसी और कई इस्लामिक नेताओं ने जताया है | जिसे लेकर भारत के लोगों में कई प्रकार की बातें चल रही है | इस पर मै ध्यान दिलाना चाहूँगा सभी भारत वासिओं को, की जिसको करना हो वह करें जिसको नही करना हो न करें, विरोध किस हैसियत से कर रहे हैं ? अथवा किस अधिकार से कर रहे हैं ? इन को यह अधिकार दिया किसने की भारत के बहु संखक जिस ऋषि परम्परा को मानते आ रहे हैं उसका विरोध, पाकिस्तान पंथियों के कहने पर किया अथवा माना जाय ? यह लोग जो नमाज पढ़ते हैं उसका विरोध किसी भी हिन्दुओं ने किया है ? जब की यह परम्परा भारत का नही अपितु अरब का है | भारत में रह कर अरबी परम्परा को मनाने में इन्हें शर्म नही है ? किन्तु भारत में रह कर भारतीय परम्परा को मनाना इन लोगों के पास हराम है |
तो हिन्दू क्या कर रहा है उसका विरोध यह किस लिए कर रहे हैं ? यह लोग कितना बड़ा अहसान फरामोश हैं देखें जिस सूर्य से लाभ ले रहे हैं उस का शुक्रिया अदा करना भी यह गुनाह मान रहे हैं | यही तो कारण है की यह रहते हैं भारत में किन्तु हमेशा भारत विरोधी गति विधि इनकी रही है | भारत में पूरब दिशा को शुभ मानते है कारण प्रात: उठते ही सूरज हम उसी दिशामें देखते हैं | और यह उसका उल्टा पश्चिम दिशा को शुभ मानते है | पश्चिमी संस्कृति को मानते हैं भारत में रह कर पश्चिमी परम्परा को मानते हैं, तो क्या कभी किसी हिन्दू ने इस का विरोध किया ?
यही कारण बना भारत में ही खड़ा हो कर मुसर्रत पाकिस्तान का नारा लगा रहा है किसी भी मुस्लिम नेताओं ने इसका विरोध नही किया, और ना किसी सेकुलर वादी नेता ने ? इस से स्पस्ट है की यह लोग भारत के साथ छल कर रहे हैं | और यह आज से नही किन्तु इस्लाम के जन्मकाल से इन इस्लामिओं को यही शिक्षा कुरान में अल्लाह ने दिया है, जिसपर यह लोग अमल करते आ रहे हैं |
जिस सूर्य से प्रकाश ले रहे हैं गर्मी ले रहे हैं जो सूर्य प्राणी मात्र को लाभ पहुंचा रहा है, जो सूर्य हमें देने के कारण वह हम सबका देवता है उसे नमस्कार करना तो शिर्क हो गया | संगे असवाद को चूमना क्या है ? कहीं किसी का नाम व निशान नही है उसे शैतान समझ कर कंकड़ मारना क्या है ? अल्लाह के नाम के साथ मोहम्मद का नाम को जोड़ना क्या है, इनमें कुल मिला कर भारत का विरोध करना |
हिन्दुत्व का विरोध करना ही इनका मकसद रहा है जिसपर यह अमल करते आ रहे हैं | सही में जो लोग अपने को सेकुलर वादी बने हुए हैं वह भी मौन है, मुसर्रत पर किसी ने कुछ नही बोला वह किस लिए ? बलके उसके भारत विरोधी गति विधिमें मौलाना अग्निवेश मुसर्रत के समर्थन में जा खड़े हुए, यह भारत विरोधी नही तो और क्या हैं ? अब हम लोग सही जगह पर खड़े हैं यही अवसर है की हमलोग भारत विरोधिओं को पहचाने, और उन्हें भारत से निकालने के प्रयास में हर भारत वासिओं को एक जुटता दिखानी चाहिए तभी हम भारत माँ की लाज की रक्षा कर सकते हैं जो हम भारत वासियों का परम दायित्व तथा कर्तव्य भी है | आयें हम सब मिलकर इस काम को जिम्मेदारी के साथ निभाने का संकल्प लें |